17 अप्रैल 2025 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 17 अप्रैल 2025, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 अप्रैल 2025 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (15:23 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:21, 18 अप्रैल तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 14:02 से 15:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:52
रात 06:00 तक
तिथि
चतुर्थी, 15:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:50टालें
चर10:50 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:39शुभ
काल15:39 – 17:15टालें
शुभ17:15 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:52 – 20:15शुभ
चर20:15 – 21:39सामान्य
रोग21:39 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:26टालें
लाभ00:26 – 01:49शुभ
उद्वेग01:49 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:00शुभ

17 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 15:23 तक
कृष्ण पंचमी 17:07, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:21, 18 अप्रैल तक
योग
वरीयान 00:50, 18 अप्रैल तक
परिघअशुभ 01:03, 19 अप्रैल तक
करण
बालव 15:23 तक
कौलव 04:19, 18 अप्रैल तक
तैतिल 17:07, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
22:58
चंद्रास्त
08:23
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
14:02 – 15:39
यमगंड
06:01 – 07:37
गुलिक काल
09:13 – 10:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0107:05दिन
मंगल07:0508:09दिन
सूर्य08:0909:13दिन
शुक्र09:1310:18दिन
बुध10:1811:22दिन
चंद्र11:2212:26दिन
शनि12:2613:30दिन
गुरु13:3014:35दिन
मंगल14:3515:39दिन
सूर्य15:3916:43दिन
शुक्र16:4317:47दिन
बुध17:4718:52दिन
चंद्र18:5219:47रात
शनि19:4720:43रात
गुरु20:4321:39रात
मंगल21:3922:34रात
सूर्य22:3423:30रात
शुक्र23:3000:26रात
बुध00:2601:21रात
चंद्र01:2102:17रात
शनि02:1703:13रात
गुरु03:1304:08रात
मंगल04:0805:04रात
सूर्य05:0406:00रात

अयनांश 24.2104° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।