7 अप्रैल 2026 को जयपुर का चौघड़िया

मंगलवार, 7 अप्रैल 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (16:35 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (05:54, 8 अप्रैल तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 15:38 से 17:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:46
रात 06:10 तक
तिथि
पंचमी, 16:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 05:54 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:11 – 07:45टालें
उद्वेग07:45 – 09:20टालें
चर09:20 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:29शुभ
अमृत12:29 – 14:03शुभ
काल14:03 – 15:38टालें
शुभ15:38 – 17:12शुभ
रोग17:12 – 18:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:46 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 23:03टालें
शुभ23:03 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:19सामान्य
रोग03:19 – 04:45टालें
काल04:45 – 06:10टालें

7 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 16:35 तक
कृष्ण षष्ठी 19:02, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 05:54, 8 अप्रैल तक
मूल 08:48, 9 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 16:16 तक
वरीयान 17:10, 8 अप्रैल तक
करण
तैतिल 16:35 तक
गर 05:48, 8 अप्रैल तक
वणिज 19:02, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 05:54, 8 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
23:46
चंद्रास्त
09:10
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:38 – 17:12
यमगंड
09:20 – 10:54
गुलिक काल
12:29 – 14:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1107:14दिन
सूर्य07:1408:17दिन
शुक्र08:1709:20दिन
बुध09:2010:23दिन
चंद्र10:2311:26दिन
शनि11:2612:29दिन
गुरु12:2913:32दिन
मंगल13:3214:35दिन
सूर्य14:3515:38दिन
शुक्र15:3816:41दिन
बुध16:4117:43दिन
चंद्र17:4318:46दिन
शनि18:4619:43रात
गुरु19:4320:40रात
मंगल20:4021:37रात
सूर्य21:3722:34रात
शुक्र22:3423:31रात
बुध23:3100:28रात
चंद्र00:2801:25रात
शनि01:2502:22रात
गुरु02:2203:19रात
मंगल03:1904:16रात
सूर्य04:1605:13रात
शुक्र05:1306:10रात

अयनांश 24.2239° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।