11 अप्रैल 2026 को जयपुर का चौघड़िया

शनिवार, 11 अप्रैल 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (00:38, 12 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (13:40 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 09:17 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:48
रात 06:06 तक
तिथि
नवमी, 00:38 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 13:40 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:07 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:17शुभ
रोग09:17 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:28टालें
चर12:28 – 14:03सामान्य
लाभ14:03 – 15:38शुभ
अमृत15:38 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:48 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:38टालें
शुभ21:38 – 23:02शुभ
अमृत23:02 – 00:27शुभ
चर00:27 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:16टालें
काल03:16 – 04:41टालें
लाभ04:41 – 06:06शुभ

11 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:38, 12 अप्रैल तक
कृष्ण दशमी 01:17, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 15:14, 12 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 18:39 तक
साध्य 18:15, 12 अप्रैल तक
करण
तैतिल 12:01 तक
गर 00:38, 12 अप्रैल तक
वणिज 13:03, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
02:07
चंद्रास्त
12:47
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
09:17 – 10:52
यमगंड
14:03 – 15:38
गुलिक काल
06:07 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0707:10दिन
गुरु07:1008:14दिन
मंगल08:1409:17दिन
सूर्य09:1710:21दिन
शुक्र10:2111:24दिन
बुध11:2412:28दिन
चंद्र12:2813:31दिन
शनि13:3114:35दिन
गुरु14:3515:38दिन
मंगल15:3816:41दिन
सूर्य16:4117:45दिन
शुक्र17:4518:48दिन
बुध18:4819:45रात
चंद्र19:4520:41रात
शनि20:4121:38रात
गुरु21:3822:34रात
मंगल22:3423:31रात
सूर्य23:3100:27रात
शुक्र00:2701:24रात
बुध01:2402:20रात
चंद्र02:2003:16रात
शनि03:1604:13रात
गुरु04:1305:09रात
मंगल05:0906:06रात

अयनांश 24.2241° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।