26 अप्रैल 2026 को जयपुर का चौघड़िया

रविवार, 26 अप्रैल 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 अप्रैल 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (18:07 तक), नक्षत्र मघा (20:27 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 17:18 से 18:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:56
रात 05:52 तक
तिथि
दशमी, 18:07 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा, 20:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:52 – 07:30टालें
चर07:30 – 09:08सामान्य
लाभ09:08 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:24शुभ
काल12:24 – 14:02टालें
शुभ14:02 – 15:40शुभ
रोग15:40 – 17:18टालें
उद्वेग17:18 – 18:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:56 – 20:18शुभ
अमृत20:18 – 21:40शुभ
चर21:40 – 23:02सामान्य
रोग23:02 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:08शुभ
उद्वेग03:08 – 04:30टालें
शुभ04:30 – 05:52शुभ

26 अप्रैल 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 18:07 तक
शुक्ल एकादशी 18:16, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 20:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी 21:18, 27 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 22:27 तक
ध्रुव 21:35, 27 अप्रैल तक
करण
तैतिल 06:14 तक
गर 18:07 तक
वणिज 06:08, 27 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
14:13
चंद्रास्त
02:38
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
17:18 – 18:56
यमगंड
12:24 – 14:02
गुलिक काल
15:40 – 17:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5206:58दिन
शुक्र06:5808:03दिन
बुध08:0309:08दिन
चंद्र09:0810:14दिन
शनि10:1411:19दिन
गुरु11:1912:24दिन
मंगल12:2413:30दिन
सूर्य13:3014:35दिन
शुक्र14:3515:40दिन
बुध15:4016:46दिन
चंद्र16:4617:51दिन
शनि17:5118:56दिन
गुरु18:5619:51रात
मंगल19:5120:45रात
सूर्य20:4521:40रात
शुक्र21:4022:35रात
बुध22:3523:29रात
चंद्र23:2900:24रात
शनि00:2401:19रात
गुरु01:1902:13रात
मंगल02:1303:08रात
सूर्य03:0804:02रात
शुक्र04:0204:57रात
बुध04:5705:52रात

अयनांश 24.2247° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।