20 मार्च 2027 को जयपुर का चौघड़िया

शनिवार, 20 मार्च 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 मार्च 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (20:45 तक), नक्षत्र मघा (23:44 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 09:33 से 11:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:37
रात 06:30 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:45 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:31 – 08:02टालें
शुभ08:02 – 09:33शुभ
रोग09:33 – 11:03टालें
उद्वेग11:03 – 12:34टालें
चर12:34 – 14:05सामान्य
लाभ14:05 – 15:36शुभ
अमृत15:36 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:37 – 20:06शुभ
उद्वेग20:06 – 21:35टालें
शुभ21:35 – 23:05शुभ
अमृत23:05 – 00:34शुभ
चर00:34 – 02:03सामान्य
रोग02:03 – 03:32टालें
काल03:32 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:30शुभ

20 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:45 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:22, 21 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:07, 21 मार्च तक
योग
धृति 20:05 तक
शूलअशुभ 16:58, 21 मार्च तक
करण
कौलव 10:01 तक
तैतिल 20:45 तक
गर 07:32, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
16:36
चंद्रास्त
04:55
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
09:33 – 11:03
यमगंड
14:05 – 15:36
गुलिक काल
06:31 – 08:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3107:31दिन
गुरु07:3108:32दिन
मंगल08:3209:33दिन
सूर्य09:3310:33दिन
शुक्र10:3311:34दिन
बुध11:3412:34दिन
चंद्र12:3413:35दिन
शनि13:3514:35दिन
गुरु14:3515:36दिन
मंगल15:3616:36दिन
सूर्य16:3617:37दिन
शुक्र17:3718:37दिन
बुध18:3719:37रात
चंद्र19:3720:36रात
शनि20:3621:35रात
गुरु21:3522:35रात
मंगल22:3523:34रात
सूर्य23:3400:34रात
शुक्र00:3401:33रात
बुध01:3302:32रात
चंद्र02:3203:32रात
शनि03:3204:31रात
गुरु04:3105:30रात
मंगल05:3006:30रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।