27 मई 2027 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 27 मई 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 मई 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (06:26, 28 मई तक), नक्षत्र धनिष्ठा (07:14, 28 मई तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 14:06 से 15:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 19:13
रात 05:34 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:34 – 07:16शुभ
रोग07:16 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:24सामान्य
लाभ12:24 – 14:06शुभ
अमृत14:06 – 15:48शुभ
काल15:48 – 17:31टालें
शुभ17:31 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:13 – 20:31शुभ
चर20:31 – 21:48सामान्य
रोग21:48 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:16शुभ
अमृत04:16 – 05:34शुभ

27 मई 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 06:26, 28 मई तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 07:14, 28 मई तक
योग
इंद्र 02:58, 28 मई तक
वैधृतिअशुभ 03:34, 29 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:18 तक
बव 06:26, 28 मई तक
चंद्र राशि
मकर 17:49 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:11
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
14:06 – 15:48
यमगंड
05:34 – 07:16
गुलिक काल
08:59 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3406:42दिन
मंगल06:4207:50दिन
सूर्य07:5008:59दिन
शुक्र08:5910:07दिन
बुध10:0711:15दिन
चंद्र11:1512:24दिन
शनि12:2413:32दिन
गुरु13:3214:40दिन
मंगल14:4015:48दिन
सूर्य15:4816:57दिन
शुक्र16:5718:05दिन
बुध18:0519:13दिन
चंद्र19:1320:05रात
शनि20:0520:57रात
गुरु20:5721:48रात
मंगल21:4822:40रात
सूर्य22:4023:32रात
शुक्र23:3200:23रात
बुध00:2301:15रात
चंद्र01:1502:07रात
शनि02:0702:59रात
गुरु02:5903:50रात
मंगल03:5004:42रात
सूर्य04:4205:34रात

अयनांश 24.2398° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।