2 जून 2027 को जयपुर का चौघड़िया

बुधवार, 2 जून 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 2 जून 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (08:29 तक), नक्षत्र अश्विनी (12:16 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 12:24 से 14:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 19:16
रात 05:32 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
अश्विनी, 12:16 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:32 – 07:15शुभ
अमृत07:15 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 14:07टालें
उद्वेग14:07 – 15:50टालें
चर15:50 – 17:33सामान्य
लाभ17:33 – 19:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:16 – 20:33टालें
शुभ20:33 – 21:50शुभ
अमृत21:50 – 23:07शुभ
चर23:07 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:41टालें
काल01:41 – 02:58टालें
लाभ02:58 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:32टालें

2 जून 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 08:29 तक
कृष्ण त्रयोदशी 06:35, 3 जून तक
नक्षत्र
भरणी 11:02, 3 जून तक
योग
शोभन 21:59 तक
अतिगंडअशुभ 19:05, 3 जून तक
करण
तैतिल 08:29 तक
गर 19:37 तक
वणिज 06:35, 3 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
03:04
चंद्रास्त
16:49
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 14:07
यमगंड
07:15 – 08:58
गुलिक काल
10:41 – 12:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3206:41दिन
चंद्र06:4107:50दिन
शनि07:5008:58दिन
गुरु08:5810:07दिन
मंगल10:0711:16दिन
सूर्य11:1612:24दिन
शुक्र12:2413:33दिन
बुध13:3314:42दिन
चंद्र14:4215:50दिन
शनि15:5016:59दिन
गुरु16:5918:08दिन
मंगल18:0819:16दिन
सूर्य19:1620:08रात
शुक्र20:0820:59रात
बुध20:5921:50रात
चंद्र21:5022:42रात
शनि22:4223:33रात
गुरु23:3300:24रात
मंगल00:2401:16रात
सूर्य01:1602:07रात
शुक्र02:0702:58रात
बुध02:5803:50रात
चंद्र03:5004:41रात
शनि04:4105:32रात

अयनांश 24.2400° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।