9 जुलाई 2027 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 जुलाई 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 जुलाई 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:04 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (23:16 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 10:48 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 19:24
रात 05:40 तक
तिथि
षष्ठी, 14:04 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 23:16 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:22सामान्य
लाभ07:22 – 09:05शुभ
अमृत09:05 – 10:48शुभ
काल10:48 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 14:15शुभ
रोग14:15 – 15:58टालें
उद्वेग15:58 – 17:41टालें
चर17:41 – 19:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:24 – 20:41टालें
काल20:41 – 21:58टालें
लाभ21:58 – 23:15शुभ
उद्वेग23:15 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 01:49शुभ
अमृत01:49 – 03:06शुभ
चर03:06 – 04:23सामान्य
रोग04:23 – 05:40टालें

9 जुलाई 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:04 तक
शुक्ल सप्तमी 12:37, 10 जुल॰ तक
नक्षत्र
हस्त 22:51, 10 जुल॰ तक
योग
वरीयान 18:16 तक
परिघअशुभ 16:10, 10 जुल॰ तक
करण
तैतिल 14:04 तक
गर 01:16, 10 जुल॰ तक
वणिज 12:37, 10 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 05:59 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
11:08
चंद्रास्त
23:14
दिनमान
13h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 12:31
यमगंड
15:58 – 17:41
गुलिक काल
07:22 – 09:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:48दिन
बुध06:4807:57दिन
चंद्र07:5709:05दिन
शनि09:0510:14दिन
गुरु10:1411:23दिन
मंगल11:2312:31दिन
सूर्य12:3113:40दिन
शुक्र13:4014:49दिन
बुध14:4915:58दिन
चंद्र15:5817:06दिन
शनि17:0618:15दिन
गुरु18:1519:24दिन
मंगल19:2420:15रात
सूर्य20:1521:06रात
शुक्र21:0621:58रात
बुध21:5822:49रात
चंद्र22:4923:40रात
शनि23:4000:32रात
गुरु00:3201:23रात
मंगल01:2302:14रात
सूर्य02:1403:06रात
शुक्र03:0603:57रात
बुध03:5704:48रात
चंद्र04:4805:40रात

अयनांश 24.2415° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।