11 अगस्त 2028 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 अगस्त 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 अगस्त 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:12, 12 अग॰ तक), नक्षत्र रेवती (12:22 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 19:07
रात 05:57 तक
तिथि
षष्ठी, 03:12 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 12:22 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:56 – 07:35सामान्य
लाभ07:35 – 09:14शुभ
अमृत09:14 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:49टालें
उद्वेग15:49 – 17:28टालें
चर17:28 – 19:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:07 – 20:28टालें
काल20:28 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:10शुभ
उद्वेग23:10 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:14शुभ
चर03:14 – 04:35सामान्य
रोग04:35 – 05:57टालें

11 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:12, 12 अग॰ तक
कृष्ण सप्तमी 04:43, 13 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:22 तक
अश्विनी 14:46, 12 अग॰ तक
योग
शूलअशुभ 21:49 तक
गंडअशुभ 22:09, 12 अग॰ तक
करण
गर 14:15 तक
वणिज 03:12, 12 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:02, 12 अग॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:22 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
22:11
चंद्रास्त
10:53
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:31
यमगंड
15:49 – 17:28
गुलिक काल
07:35 – 09:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5607:02दिन
बुध07:0208:08दिन
चंद्र08:0809:14दिन
शनि09:1410:20दिन
गुरु10:2011:25दिन
मंगल11:2512:31दिन
सूर्य12:3113:37दिन
शुक्र13:3714:43दिन
बुध14:4315:49दिन
चंद्र15:4916:55दिन
शनि16:5518:01दिन
गुरु18:0119:07दिन
मंगल19:0720:01रात
सूर्य20:0120:55रात
शुक्र20:5521:49रात
बुध21:4922:43रात
चंद्र22:4323:37रात
शनि23:3700:32रात
गुरु00:3201:26रात
मंगल01:2602:20रात
सूर्य02:2003:14रात
शुक्र03:1404:08रात
बुध04:0805:02रात
चंद्र05:0205:57रात

अयनांश 24.2567° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।