18 अगस्त 2029 को जयपुर का चौघड़िया

शनिवार, 18 अगस्त 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 18 अगस्त 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:47 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (04:38, 19 अग॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 19:01
रात 06:00 तक
तिथि
नवमी, 09:47 तक
दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 04:38 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:59 – 07:37टालें
शुभ07:37 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:30टालें
चर12:30 – 14:08सामान्य
लाभ14:08 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:23शुभ
काल17:23 – 19:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:01 – 20:23शुभ
उद्वेग20:23 – 21:45टालें
शुभ21:45 – 23:08शुभ
अमृत23:08 – 00:30शुभ
चर00:30 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:15टालें
काल03:15 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:00शुभ

18 अगस्त 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:47 तक
शुक्ल दशमी 08:27, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 04:38, 19 अग॰ तक
मूल 04:21, 20 अग॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 01:20, 19 अग॰ तक
विष्कंभअशुभ 23:25, 19 अग॰ तक
करण
कौलव 09:47 तक
तैतिल 21:04 तक
गर 08:27, 19 अग॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 04:38, 19 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
14:31
चंद्रास्त
00:12
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:52
यमगंड
14:08 – 15:45
गुलिक काल
05:59 – 07:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5907:04दिन
गुरु07:0408:10दिन
मंगल08:1009:15दिन
सूर्य09:1510:20दिन
शुक्र10:2011:25दिन
बुध11:2512:30दिन
चंद्र12:3013:35दिन
शनि13:3514:40दिन
गुरु14:4015:45दिन
मंगल15:4516:50दिन
सूर्य16:5017:56दिन
शुक्र17:5619:01दिन
बुध19:0119:56रात
चंद्र19:5620:51रात
शनि20:5121:45रात
गुरु21:4522:40रात
मंगल22:4023:35रात
सूर्य23:3500:30रात
शुक्र00:3001:25रात
बुध01:2502:20रात
चंद्र02:2003:15रात
शनि03:1504:10रात
गुरु04:1005:05रात
मंगल05:0506:00रात

अयनांश 24.2709° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।