1 अक्टूबर 2025 को जामनगर का चौघड़िया

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (08:06 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 12:39 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:37
रात 06:41 तक
तिथि
नवमी, 19:01 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:41 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:40शुभ
काल09:40 – 11:09टालें
शुभ11:09 – 12:39शुभ
रोग12:39 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:07सामान्य
लाभ17:07 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:37 – 20:07टालें
शुभ20:07 – 21:38शुभ
अमृत21:38 – 23:08शुभ
चर23:08 – 00:39सामान्य
रोग00:39 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:40टालें
लाभ03:40 – 05:10शुभ
उद्वेग05:10 – 06:41टालें

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:01 तक
शुक्ल दशमी 19:11, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:13, 2 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:33, 2 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 23:28, 2 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 19:01 तक
तैतिल 07:12, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 14:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
14:42
चंद्रास्त
00:37
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:39 – 14:08
यमगंड
08:10 – 09:40
गुलिक काल
11:09 – 12:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4107:40दिन
चंद्र07:4008:40दिन
शनि08:4009:40दिन
गुरु09:4010:39दिन
मंगल10:3911:39दिन
सूर्य11:3912:39दिन
शुक्र12:3913:38दिन
बुध13:3814:38दिन
चंद्र14:3815:38दिन
शनि15:3816:37दिन
गुरु16:3717:37दिन
मंगल17:3718:37दिन
सूर्य18:3719:37रात
शुक्र19:3720:37रात
बुध20:3721:38रात
चंद्र21:3822:38रात
शनि22:3823:39रात
गुरु23:3900:39रात
मंगल00:3901:39रात
सूर्य01:3902:40रात
शुक्र02:4003:40रात
बुध03:4004:40रात
चंद्र04:4005:41रात
शनि05:4106:41रात

अयनांश 24.2167° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।