8 जनवरी 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 8 जनवरी 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 जनवरी 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (14:26 तक), नक्षत्र अश्विनी (16:29 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:21
रात 07:28 तक
तिथि
नवमी, 14:26 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 16:29 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:27 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:11शुभ
काल10:11 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:54शुभ
रोग12:54 – 14:16टालें
उद्वेग14:16 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:00सामान्य
लाभ17:00 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:21 – 20:00टालें
शुभ20:00 – 21:38शुभ
अमृत21:38 – 23:16शुभ
चर23:16 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:33टालें
काल02:33 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:49शुभ
उद्वेग05:49 – 07:28टालें

8 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 14:26 तक
शुक्ल दशमी 12:23, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 15:07, 9 जन॰ तक
योग
सिद्ध 20:23 तक
साध्य 17:29, 9 जन॰ तक
करण
कौलव 14:26 तक
तैतिल 01:24, 9 जन॰ तक
गर 12:23, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
13:19
चंद्रास्त
01:41
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:16
यमगंड
08:49 – 10:11
गुलिक काल
11:33 – 12:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2708:22दिन
चंद्र08:2209:16दिन
शनि09:1610:11दिन
गुरु10:1111:05दिन
मंगल11:0512:00दिन
सूर्य12:0012:54दिन
शुक्र12:5413:49दिन
बुध13:4914:43दिन
चंद्र14:4315:38दिन
शनि15:3816:32दिन
गुरु16:3217:27दिन
मंगल17:2718:21दिन
सूर्य18:2119:27रात
शुक्र19:2720:32रात
बुध20:3221:38रात
चंद्र21:3822:43रात
शनि22:4323:49रात
गुरु23:4900:55रात
मंगल00:5502:00रात
सूर्य02:0003:06रात
शुक्र03:0604:11रात
बुध04:1105:17रात
चंद्र05:1706:22रात
शनि06:2207:28रात

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।