4 मार्च 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 4 मार्च 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 मार्च 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (15:17 तक), नक्षत्र भरणी (02:37, 5 मार्च तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 15:56 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 18:53
रात 07:05 तक
तिथि
पंचमी, 15:17 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी, 02:37 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:06 – 08:34टालें
उद्वेग08:34 – 10:03टालें
चर10:03 – 11:31सामान्य
लाभ11:31 – 12:59शुभ
अमृत12:59 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:56टालें
शुभ15:56 – 17:25शुभ
रोग17:25 – 18:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:53 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:28टालें
शुभ23:28 – 00:59शुभ
अमृत00:59 – 02:31शुभ
चर02:31 – 04:02सामान्य
रोग04:02 – 05:34टालें
काल05:34 – 07:05टालें

4 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 15:17 तक
शुक्ल षष्ठी 12:51, 5 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 02:37, 5 मार्च तक
कृत्तिका 01:08, 6 मार्च तक
योग
इंद्र 02:06, 5 मार्च तक
वैधृतिअशुभ 23:07, 5 मार्च तक
करण
बालव 15:17 तक
कौलव 02:01, 5 मार्च तक
तैतिल 12:51, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
09:58
चंद्रास्त
23:33
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
15:56 – 17:25
यमगंड
10:03 – 11:31
गुलिक काल
12:59 – 14:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0608:05दिन
सूर्य08:0509:04दिन
शुक्र09:0410:03दिन
बुध10:0311:02दिन
चंद्र11:0212:01दिन
शनि12:0112:59दिन
गुरु12:5913:58दिन
मंगल13:5814:57दिन
सूर्य14:5715:56दिन
शुक्र15:5616:55दिन
बुध16:5517:54दिन
चंद्र17:5418:53दिन
शनि18:5319:54रात
गुरु19:5420:55रात
मंगल20:5521:56रात
सूर्य21:5622:57रात
शुक्र22:5723:58रात
बुध23:5800:59रात
चंद्र00:5902:00रात
शनि02:0003:01रात
गुरु03:0104:02रात
मंगल04:0205:03रात
सूर्य05:0306:04रात
शुक्र06:0407:05रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।