23 मार्च 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 23 मार्च 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 मार्च 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (05:38, 24 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (04:18, 24 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 17:28 से 19:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 19:00
रात 06:48 तक
तिथि
नवमी, 05:38 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 04:18 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:49 – 08:20टालें
चर08:20 – 09:52सामान्य
लाभ09:52 – 11:23शुभ
अमृत11:23 – 12:54शुभ
काल12:54 – 14:26टालें
शुभ14:26 – 15:57शुभ
रोग15:57 – 17:28टालें
उद्वेग17:28 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:00 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 21:57शुभ
चर21:57 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:54टालें
काल00:54 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 03:51शुभ
उद्वेग03:51 – 05:20टालें
शुभ05:20 – 06:48शुभ

23 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 05:38, 24 मार्च तक
कृष्ण दशमी 05:05, 25 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 04:18, 24 मार्च तक
उत्तराषाढ़ा 04:26, 25 मार्च तक
योग
वरीयान 17:58 तक
परिघअशुभ 16:44, 24 मार्च तक
करण
तैतिल 17:37 तक
गर 05:38, 24 मार्च तक
वणिज 17:28, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
02:06
चंद्रास्त
12:51
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:19

अशुभ समय

राहुकाल
17:28 – 19:00
यमगंड
12:54 – 14:26
गुलिक काल
15:57 – 17:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4907:50दिन
शुक्र07:5008:51दिन
बुध08:5109:52दिन
चंद्र09:5210:53दिन
शनि10:5311:53दिन
गुरु11:5312:54दिन
मंगल12:5413:55दिन
सूर्य13:5514:56दिन
शुक्र14:5615:57दिन
बुध15:5716:58दिन
चंद्र16:5817:59दिन
शनि17:5919:00दिन
गुरु19:0019:59रात
मंगल19:5920:58रात
सूर्य20:5821:57रात
शुक्र21:5722:56रात
बुध22:5623:55रात
चंद्र23:5500:54रात
शनि00:5401:53रात
गुरु01:5302:52रात
मंगल02:5203:51रात
सूर्य03:5104:50रात
शुक्र04:5005:49रात
बुध05:4906:48रात

अयनांश 24.2094° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।