7 अप्रैल 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 7 अप्रैल 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:00 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:55, 8 अप्रैल तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 19:04
रात 06:34 तक
तिथि
दशमी, 20:00 तक
एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:35 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:16शुभ
रोग11:16 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:24टालें
चर14:24 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:31शुभ
अमृत17:31 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:04 – 20:31सामान्य
रोग20:31 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:23टालें
लाभ23:23 – 00:49शुभ
उद्वेग00:49 – 02:16टालें
शुभ02:16 – 03:42शुभ
अमृत03:42 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:34सामान्य

7 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:00 तक
शुक्ल एकादशी 21:13, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
आश्लेषा 07:55, 8 अप्रैल तक
योग
धृति 18:18 तक
शूलअशुभ 18:10, 8 अप्रैल तक
करण
तैतिल 07:37 तक
गर 20:00 तक
वणिज 08:32, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
14:27
चंद्रास्त
03:13
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:43
यमगंड
11:16 – 12:50
गुलिक काल
14:24 – 15:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3507:38दिन
शनि07:3808:40दिन
गुरु08:4009:43दिन
मंगल09:4310:45दिन
सूर्य10:4511:47दिन
शुक्र11:4712:50दिन
बुध12:5013:52दिन
चंद्र13:5214:55दिन
शनि14:5515:57दिन
गुरु15:5717:00दिन
मंगल17:0018:02दिन
सूर्य18:0219:04दिन
शुक्र19:0420:02रात
बुध20:0220:59रात
चंद्र20:5921:57रात
शनि21:5722:54रात
गुरु22:5423:52रात
मंगल23:5200:49रात
सूर्य00:4901:47रात
शुक्र01:4702:44रात
बुध02:4403:42रात
चंद्र03:4204:39रात
शनि04:3905:37रात
गुरु05:3706:34रात

अयनांश 24.2100° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।