20 अगस्त 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 20 अगस्त 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 अगस्त 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (13:59 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:27, 21 अग॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 19:14
रात 06:28 तक
तिथि
द्वादशी, 13:59 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:27 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 08:03शुभ
अमृत08:03 – 09:39शुभ
काल09:39 – 11:15टालें
शुभ11:15 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:27टालें
उद्वेग14:27 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:38सामान्य
लाभ17:38 – 19:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:14 – 20:38टालें
शुभ20:38 – 22:03शुभ
अमृत22:03 – 23:27शुभ
चर23:27 – 00:51सामान्य
रोग00:51 – 02:15टालें
काल02:15 – 03:39टालें
लाभ03:39 – 05:04शुभ
उद्वेग05:04 – 06:28टालें

20 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 13:59 तक
कृष्ण त्रयोदशी 12:45, 21 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:27, 21 अग॰ तक
पुष्य 00:08, 22 अग॰ तक
योग
सिद्धि 18:13 तक
व्यतीपातअशुभ 16:14, 21 अग॰ तक
करण
तैतिल 13:59 तक
गर 01:19, 21 अग॰ तक
वणिज 12:45, 21 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:35 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
03:17
चंद्रास्त
17:19
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:27
यमगंड
08:03 – 09:39
गुलिक काल
11:15 – 12:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:31दिन
चंद्र07:3108:35दिन
शनि08:3509:39दिन
गुरु09:3910:43दिन
मंगल10:4311:47दिन
सूर्य11:4712:51दिन
शुक्र12:5113:55दिन
बुध13:5514:59दिन
चंद्र14:5916:03दिन
शनि16:0317:06दिन
गुरु17:0618:10दिन
मंगल18:1019:14दिन
सूर्य19:1420:10रात
शुक्र20:1021:07रात
बुध21:0722:03रात
चंद्र22:0322:59रात
शनि22:5923:55रात
गुरु23:5500:51रात
मंगल00:5101:47रात
सूर्य01:4702:43रात
शुक्र02:4303:39रात
बुध03:3904:36रात
चंद्र04:3605:32रात
शनि05:3206:28रात

अयनांश 24.2151° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।