5 नवंबर 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 5 नवंबर 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (18:49 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:40 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 12:31 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:09
रात 06:54 तक
तिथि
पूर्णिमा, 18:49 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी, 06:34 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:53 – 08:18शुभ
अमृत08:18 – 09:42शुभ
काल09:42 – 11:07टालें
शुभ11:07 – 12:31शुभ
रोग12:31 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:20टालें
चर15:20 – 16:45सामान्य
लाभ16:45 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:09 – 19:45टालें
शुभ19:45 – 21:20शुभ
अमृत21:20 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:31सामान्य
रोग00:31 – 02:07टालें
काल02:07 – 03:42टालें
लाभ03:42 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 06:54टालें

5 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 18:49 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:55, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:34, 6 नव॰ तक
कृत्तिका 03:27, 7 नव॰ तक
योग
सिद्धि 11:28 तक
व्यतीपातअशुभ 07:04, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:44 तक
बव 18:49 तक
बालव 04:52, 6 नव॰ तक
कौलव 14:55, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
17:52
चंद्रास्त
06:24
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:31 – 13:56
यमगंड
08:18 – 09:42
गुलिक काल
11:07 – 12:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5307:49दिन
चंद्र07:4908:46दिन
शनि08:4609:42दिन
गुरु09:4210:38दिन
मंगल10:3811:35दिन
सूर्य11:3512:31दिन
शुक्र12:3113:27दिन
बुध13:2714:24दिन
चंद्र14:2415:20दिन
शनि15:2016:17दिन
गुरु16:1717:13दिन
मंगल17:1318:09दिन
सूर्य18:0919:13रात
शुक्र19:1320:17रात
बुध20:1721:20रात
चंद्र21:2022:24रात
शनि22:2423:28रात
गुरु23:2800:31रात
मंगल00:3101:35रात
सूर्य01:3502:39रात
शुक्र02:3903:42रात
बुध03:4204:46रात
चंद्र04:4605:50रात
शनि05:5006:54रात

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।