8 नवंबर 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 8 नवंबर 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 नवंबर 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (07:32 तक), नक्षत्र मृगशिरा (22:02 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 09:43 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 18:08
रात 06:55 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:26 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 22:02 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:55 – 08:19टालें
शुभ08:19 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:31टालें
चर12:31 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:20शुभ
अमृत15:20 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:08 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:20टालें
शुभ21:20 – 22:56शुभ
अमृत22:56 – 00:32शुभ
चर00:32 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:43टालें
काल03:43 – 05:19टालें
लाभ05:19 – 06:55शुभ

8 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 07:32 तक
कृष्ण चतुर्थी 04:26, 9 नव॰ तक
कृष्ण पंचमी 01:55, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 20:04, 9 नव॰ तक
योग
शिव 18:31 तक
सिद्ध 15:02, 9 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:32 तक
बव 17:55 तक
बालव 04:26, 9 नव॰ तक
कौलव 15:05, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 11:14 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
20:48
चंद्रास्त
09:56
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:43 – 11:07
यमगंड
13:55 – 15:20
गुलिक काल
06:55 – 08:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5507:51दिन
गुरु07:5108:47दिन
मंगल08:4709:43दिन
सूर्य09:4310:39दिन
शुक्र10:3911:35दिन
बुध11:3512:31दिन
चंद्र12:3113:27दिन
शनि13:2714:24दिन
गुरु14:2415:20दिन
मंगल15:2016:16दिन
सूर्य16:1617:12दिन
शुक्र17:1218:08दिन
बुध18:0819:12रात
चंद्र19:1220:16रात
शनि20:1621:20रात
गुरु21:2022:24रात
मंगल22:2423:28रात
सूर्य23:2800:32रात
शुक्र00:3201:36रात
बुध01:3602:39रात
चंद्र02:3903:43रात
शनि03:4304:47रात
गुरु04:4705:51रात
मंगल05:5106:55रात

अयनांश 24.2182° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।