16 जनवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र मूल (08:12, 17 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 11:35 से 12:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:27
रात 07:28 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:28 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:35शुभ
काल11:35 – 12:57टालें
शुभ12:57 – 14:20शुभ
रोग14:20 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:04टालें
चर17:04 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 20:04टालें
काल20:04 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:20शुभ
उद्वेग23:20 – 00:57टालें
शुभ00:57 – 02:35शुभ
अमृत02:35 – 04:13शुभ
चर04:13 – 05:50सामान्य
रोग05:50 – 07:28टालें

16 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:22 तक
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12, 17 जन॰ तक
योग
ध्रुव 21:06 तक
व्याघातअशुभ 21:18, 17 जन॰ तक
करण
गर 09:22 तक
वणिज 22:22 तक
विष्टि (भद्रा) 11:16, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
05:28
चंद्रास्त
16:12
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:19

अशुभ समय

राहुकाल
11:35 – 12:57
यमगंड
15:42 – 17:04
गुलिक काल
08:50 – 10:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2808:23दिन
बुध08:2309:18दिन
चंद्र09:1810:13दिन
शनि10:1311:08दिन
गुरु11:0812:03दिन
मंगल12:0312:57दिन
सूर्य12:5713:52दिन
शुक्र13:5214:47दिन
बुध14:4715:42दिन
चंद्र15:4216:37दिन
शनि16:3717:32दिन
गुरु17:3218:27दिन
मंगल18:2719:32रात
सूर्य19:3220:37रात
शुक्र20:3721:42रात
बुध21:4222:47रात
चंद्र22:4723:52रात
शनि23:5200:57रात
गुरु00:5702:03रात
मंगल02:0303:08रात
सूर्य03:0804:13रात
शुक्र04:1305:18रात
बुध05:1806:23रात
चंद्र06:2307:28रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।