17 जनवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 17 जनवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जनवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:04, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मूल (08:12 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:27
रात 07:28 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:04 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:28 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:13शुभ
रोग10:13 – 11:35टालें
उद्वेग11:35 – 12:58टालें
चर12:58 – 14:20सामान्य
लाभ14:20 – 15:43शुभ
अमृत15:43 – 17:05शुभ
काल17:05 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:27 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:43टालें
शुभ21:43 – 23:20शुभ
अमृत23:20 – 00:58शुभ
चर00:58 – 02:35सामान्य
रोग02:35 – 04:13टालें
काल04:13 – 05:50टालें
लाभ05:50 – 07:28शुभ

17 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:14, 18 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:18 तक
हर्षण 21:11, 18 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:16 तक
शकुनि 00:04, 18 जन॰ तक
चतुष्पद 12:46, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
17:07
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:35
यमगंड
14:20 – 15:43
गुलिक काल
07:28 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2808:23दिन
गुरु08:2309:18दिन
मंगल09:1810:13दिन
सूर्य10:1311:08दिन
शुक्र11:0812:03दिन
बुध12:0312:58दिन
चंद्र12:5813:53दिन
शनि13:5314:48दिन
गुरु14:4815:43दिन
मंगल15:4316:38दिन
सूर्य16:3817:32दिन
शुक्र17:3218:27दिन
बुध18:2719:32रात
चंद्र19:3220:38रात
शनि20:3821:43रात
गुरु21:4322:48रात
मंगल22:4823:53रात
सूर्य23:5300:58रात
शुक्र00:5802:03रात
बुध02:0303:08रात
चंद्र03:0804:13रात
शनि04:1305:18रात
गुरु05:1806:23रात
मंगल06:2307:28रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।