19 मार्च 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 19 मार्च 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 मार्च 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (06:53 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:05, 20 मार्च तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 14:26 से 15:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:58
रात 06:52 तक
तिथि
प्रतिपदा, 04:52 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:05 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:53 – 08:24शुभ
रोग08:24 – 09:54टालें
उद्वेग09:54 – 11:25टालें
चर11:25 – 12:56सामान्य
लाभ12:56 – 14:26शुभ
अमृत14:26 – 15:57शुभ
काल15:57 – 17:28टालें
शुभ17:28 – 18:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:58 – 20:28शुभ
चर20:28 – 21:57सामान्य
रोग21:57 – 23:26टालें
काल23:26 – 00:55टालें
लाभ00:55 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:54टालें
शुभ03:54 – 05:23शुभ
अमृत05:23 – 06:52शुभ

19 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 06:53 तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:52, 20 मार्च तक
शुक्ल द्वितीया 02:31, 21 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:05, 20 मार्च तक
रेवती 02:27, 21 मार्च तक
योग
शुक्ल 01:17, 20 मार्च तक
ब्रह्म 22:15, 20 मार्च तक
करण
नाग 06:53 तक
किंस्तुघ्न 17:56 तक
बव 04:52, 20 मार्च तक
बालव 15:44, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
06:52
चंद्रास्त
19:23
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
14:26 – 15:57
यमगंड
06:53 – 08:24
गुलिक काल
09:54 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5307:53दिन
मंगल07:5308:54दिन
सूर्य08:5409:54दिन
शुक्र09:5410:55दिन
बुध10:5511:55दिन
चंद्र11:5512:56दिन
शनि12:5613:56दिन
गुरु13:5614:57दिन
मंगल14:5715:57दिन
सूर्य15:5716:57दिन
शुक्र16:5717:58दिन
बुध17:5818:58दिन
चंद्र18:5819:58रात
शनि19:5820:57रात
गुरु20:5721:57रात
मंगल21:5722:56रात
सूर्य22:5623:56रात
शुक्र23:5600:55रात
बुध00:5501:55रात
चंद्र01:5502:54रात
शनि02:5403:54रात
गुरु03:5404:53रात
मंगल04:5305:53रात
सूर्य05:5306:52रात

अयनांश 24.2232° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।