27 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (07:02 तक), नक्षत्र भरणी (15:39 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 15:23 से 16:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:15
रात 06:49 तक
तिथि
द्वितीया, 04:07 तक
तृतीया
नक्षत्र
भरणी, 15:39 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:48 – 08:14टालें
उद्वेग08:14 – 09:40टालें
चर09:40 – 11:06सामान्य
लाभ11:06 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 13:57शुभ
काल13:57 – 15:23टालें
शुभ15:23 – 16:49शुभ
रोग16:49 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:15 – 19:49टालें
लाभ19:49 – 21:23शुभ
उद्वेग21:23 – 22:57टालें
शुभ22:57 – 00:32शुभ
अमृत00:32 – 02:06शुभ
चर02:06 – 03:40सामान्य
रोग03:40 – 05:15टालें
काल05:15 – 06:49टालें

27 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 07:02 तक
कृष्ण द्वितीया 04:07, 28 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 01:07, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 15:39 तक
कृत्तिका 13:26, 28 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 10:53 तक
व्यतीपातअशुभ 07:18, 28 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 07:02 तक
तैतिल 17:35 तक
गर 04:07, 28 अक्टू॰ तक
वणिज 14:37, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 21:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
19:02
चंद्रास्त
07:49
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:23 – 16:49
यमगंड
09:40 – 11:06
गुलिक काल
12:31 – 13:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4807:46दिन
सूर्य07:4608:43दिन
शुक्र08:4309:40दिन
बुध09:4010:37दिन
चंद्र10:3711:34दिन
शनि11:3412:31दिन
गुरु12:3113:29दिन
मंगल13:2914:26दिन
सूर्य14:2615:23दिन
शुक्र15:2316:20दिन
बुध16:2017:17दिन
चंद्र17:1718:15दिन
शनि18:1519:17रात
गुरु19:1720:20रात
मंगल20:2021:23रात
सूर्य21:2322:26रात
शुक्र22:2623:29रात
बुध23:2900:32रात
चंद्र00:3201:35रात
शनि01:3502:37रात
गुरु02:3703:40रात
मंगल03:4004:43रात
सूर्य04:4305:46रात
शुक्र05:4606:49रात

अयनांश 24.2317° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।