15 नवंबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 15 नवंबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 नवंबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:01, 16 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:29 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 16:42 से 18:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:06
रात 06:59 तक
तिथि
षष्ठी, 02:01 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:29 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:59 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:09शुभ
अमृत11:09 – 12:32शुभ
काल12:32 – 13:55टालें
शुभ13:55 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:06 – 19:42शुभ
अमृत19:42 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:32टालें
काल00:32 – 02:09टालें
लाभ02:09 – 03:46शुभ
उद्वेग03:46 – 05:23टालें
शुभ05:23 – 06:59शुभ

15 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:01, 16 नव॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:20, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 02:17, 17 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 07:16, 16 नव॰ तक
करण
कौलव 12:44 तक
तैतिल 02:01, 16 नव॰ तक
गर 15:14, 16 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
11:53
चंद्रास्त
23:00
दिनमान
11h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
16:42 – 18:06
यमगंड
12:32 – 13:55
गुलिक काल
15:19 – 16:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5907:54दिन
शुक्र07:5408:50दिन
बुध08:5009:45दिन
चंद्र09:4510:41दिन
शनि10:4111:37दिन
गुरु11:3712:32दिन
मंगल12:3213:28दिन
सूर्य13:2814:23दिन
शुक्र14:2315:19दिन
बुध15:1916:14दिन
चंद्र16:1417:10दिन
शनि17:1018:06दिन
गुरु18:0619:10रात
मंगल19:1020:15रात
सूर्य20:1521:19रात
शुक्र21:1922:23रात
बुध22:2323:28रात
चंद्र23:2800:32रात
शनि00:3201:37रात
गुरु01:3702:41रात
मंगल02:4103:46रात
सूर्य03:4604:50रात
शुक्र04:5005:55रात
बुध05:5506:59रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।