22 नवंबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 22 नवंबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 नवंबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (02:37, 23 नव॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (04:15, 23 नव॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 16:42 से 18:04 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 18:04
रात 07:04 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:37 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी, 04:15 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:03 – 08:26टालें
चर08:26 – 09:48सामान्य
लाभ09:48 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:34शुभ
काल12:34 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:04 – 19:42शुभ
अमृत19:42 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:34टालें
काल00:34 – 02:11टालें
लाभ02:11 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 07:04शुभ

22 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 02:37, 23 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 23:42, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 04:15, 23 नव॰ तक
भरणी 02:02, 24 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 23:29 तक
वरीयान 19:58, 23 नव॰ तक
करण
कौलव 15:52 तक
तैतिल 02:37, 23 नव॰ तक
गर 13:14, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
16:03
चंद्रास्त
04:24
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
16:42 – 18:04
यमगंड
12:34 – 13:56
गुलिक काल
15:19 – 16:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0307:58दिन
शुक्र07:5808:53दिन
बुध08:5309:48दिन
चंद्र09:4810:43दिन
शनि10:4311:39दिन
गुरु11:3912:34दिन
मंगल12:3413:29दिन
सूर्य13:2914:24दिन
शुक्र14:2415:19दिन
बुध15:1916:14दिन
चंद्र16:1417:09दिन
शनि17:0918:04दिन
गुरु18:0419:09रात
मंगल19:0920:14रात
सूर्य20:1421:19रात
शुक्र21:1922:24रात
बुध22:2423:29रात
चंद्र23:2900:34रात
शनि00:3401:39रात
गुरु01:3902:44रात
मंगल02:4403:49रात
सूर्य03:4904:54रात
शुक्र04:5405:59रात
बुध05:5907:04रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।