4 अप्रैल 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 4 अप्रैल 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 अप्रैल 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (05:23, 5 अप्रैल तक), नक्षत्र शतभिषा (16:33 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 17:30 से 19:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 19:03
रात 06:38 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:23 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 16:33 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:38 – 08:12टालें
चर08:12 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:18शुभ
अमृत11:18 – 12:51शुभ
काल12:51 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:57शुभ
रोग15:57 – 17:30टालें
उद्वेग17:30 – 19:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:03 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 21:57शुभ
चर21:57 – 23:24सामान्य
रोग23:24 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:17टालें
लाभ02:17 – 03:44शुभ
उद्वेग03:44 – 05:11टालें
शुभ05:11 – 06:38शुभ

4 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 05:23, 5 अप्रैल तक
कृष्ण चतुर्दशी 05:40, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:33 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:47, 5 अप्रैल तक
योग
शुभ 10:14 तक
शुक्ल 09:47, 5 अप्रैल तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 05:23, 5 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 17:37, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
04:48
चंद्रास्त
16:50
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
17:30 – 19:03
यमगंड
12:51 – 14:24
गुलिक काल
15:57 – 17:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3807:41दिन
शुक्र07:4108:43दिन
बुध08:4309:45दिन
चंद्र09:4510:47दिन
शनि10:4711:49दिन
गुरु11:4912:51दिन
मंगल12:5113:53दिन
सूर्य13:5314:55दिन
शुक्र14:5515:57दिन
बुध15:5716:59दिन
चंद्र16:5918:01दिन
शनि18:0119:03दिन
गुरु19:0320:01रात
मंगल20:0120:59रात
सूर्य20:5921:57रात
शुक्र21:5722:55रात
बुध22:5523:53रात
चंद्र23:5300:50रात
शनि00:5001:48रात
गुरु01:4802:46रात
मंगल02:4603:44रात
सूर्य03:4404:42रात
शुक्र04:4205:40रात
बुध05:4006:38रात

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।