2 नवंबर 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 2 नवंबर 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 नवंबर 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (18:02 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (11:06 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 15:21 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:11
रात 06:52 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:02 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 11:06 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:51 – 08:16टालें
उद्वेग08:16 – 09:41टालें
चर09:41 – 11:06सामान्य
लाभ11:06 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 13:56शुभ
काल13:56 – 15:21टालें
शुभ15:21 – 16:46शुभ
रोग16:46 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:11 – 19:46टालें
लाभ19:46 – 21:21शुभ
उद्वेग21:21 – 22:56टालें
शुभ22:56 – 00:31शुभ
अमृत00:31 – 02:06शुभ
चर02:06 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:17टालें
काल05:17 – 06:52टालें

2 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 18:02 तक
शुक्ल पंचमी 19:32, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:57, 3 नव॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:26 तक
सुकर्मा 19:30, 3 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:02 तक
बव 06:42, 3 नव॰ तक
बालव 19:32, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
10:21
चंद्रास्त
21:13
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:21 – 16:46
यमगंड
09:41 – 11:06
गुलिक काल
12:31 – 13:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5107:48दिन
सूर्य07:4808:44दिन
शुक्र08:4409:41दिन
बुध09:4110:38दिन
चंद्र10:3811:34दिन
शनि11:3412:31दिन
गुरु12:3113:28दिन
मंगल13:2814:24दिन
सूर्य14:2415:21दिन
शुक्र15:2116:18दिन
बुध16:1817:14दिन
चंद्र17:1418:11दिन
शनि18:1119:14रात
गुरु19:1420:18रात
मंगल20:1821:21रात
सूर्य21:2122:25रात
शुक्र22:2523:28रात
बुध23:2800:31रात
चंद्र00:3101:35रात
शनि01:3502:38रात
गुरु02:3803:42रात
मंगल03:4204:45रात
सूर्य04:4505:48रात
शुक्र05:4806:52रात

अयनांश 24.2459° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।