7 जनवरी 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:30 तक), नक्षत्र भरणी (03:52, 8 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 11:32 से 12:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:20
रात 07:27 तक
तिथि
दशमी, 20:30 तक
एकादशी
नक्षत्र
भरणी, 03:52 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:27 – 08:49सामान्य
लाभ08:49 – 10:10शुभ
अमृत10:10 – 11:32शुभ
काल11:32 – 12:54टालें
शुभ12:54 – 14:15शुभ
रोग14:15 – 15:37टालें
उद्वेग15:37 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:20सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:20 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:37टालें
लाभ21:37 – 23:15शुभ
उद्वेग23:15 – 00:54टालें
शुभ00:54 – 02:32शुभ
अमृत02:32 – 04:11शुभ
चर04:11 – 05:49सामान्य
रोग05:49 – 07:27टालें

7 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:30 तक
शुक्ल एकादशी 19:36, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 03:52, 8 जन॰ तक
कृत्तिका 03:20, 9 जन॰ तक
योग
सिद्ध 11:48 तक
साध्य 10:07, 8 जन॰ तक
करण
तैतिल 08:39 तक
गर 20:30 तक
वणिज 08:09, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
13:44
चंद्रास्त
02:25
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
11:32 – 12:54
यमगंड
15:37 – 16:59
गुलिक काल
08:49 – 10:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2708:22दिन
बुध08:2209:16दिन
चंद्र09:1610:10दिन
शनि10:1011:05दिन
गुरु11:0511:59दिन
मंगल11:5912:54दिन
सूर्य12:5413:48दिन
शुक्र13:4814:43दिन
बुध14:4315:37दिन
चंद्र15:3716:31दिन
शनि16:3117:26दिन
गुरु17:2618:20दिन
मंगल18:2019:26रात
सूर्य19:2620:31रात
शुक्र20:3121:37रात
बुध21:3722:43रात
चंद्र22:4323:48रात
शनि23:4800:54रात
गुरु00:5401:59रात
मंगल01:5903:05रात
सूर्य03:0504:11रात
शुक्र04:1105:16रात
बुध05:1606:22रात
चंद्र06:2207:27रात

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।