31 अगस्त 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 31 अगस्त 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 31 अगस्त 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:31 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (01:24, 1 सित॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 19:05 पर है। राहुकाल 14:22 से 15:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 19:05
रात 06:31 तक
तिथि
द्वादशी, 22:31 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 01:24 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 08:05शुभ
रोग08:05 – 09:39टालें
उद्वेग09:39 – 11:13टालें
चर11:13 – 12:48सामान्य
लाभ12:48 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 15:56शुभ
काल15:56 – 17:30टालें
शुभ17:30 – 19:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:05 – 20:30शुभ
चर20:30 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:48टालें
लाभ00:48 – 02:14शुभ
उद्वेग02:14 – 03:39टालें
शुभ03:39 – 05:05शुभ
अमृत05:05 – 06:31शुभ

31 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:31 तक
शुक्ल त्रयोदशी 00:35, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:24, 1 सित॰ तक
श्रवण 04:03, 2 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 22:57 तक
शोभन 23:35, 1 सित॰ तक
करण
बव 09:36 तक
बालव 22:31 तक
कौलव 11:31, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
19:05
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
03:13
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:22 – 15:56
यमगंड
06:31 – 08:05
गुलिक काल
09:39 – 11:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:34दिन
मंगल07:3408:36दिन
सूर्य08:3609:39दिन
शुक्र09:3910:42दिन
बुध10:4211:45दिन
चंद्र11:4512:48दिन
शनि12:4813:51दिन
गुरु13:5114:53दिन
मंगल14:5315:56दिन
सूर्य15:5616:59दिन
शुक्र16:5918:02दिन
बुध18:0219:05दिन
चंद्र19:0520:02रात
शनि20:0220:59रात
गुरु20:5921:56रात
मंगल21:5622:53रात
सूर्य22:5323:51रात
शुक्र23:5100:48रात
बुध00:4801:45रात
चंद्र01:4502:42रात
शनि02:4203:39रात
गुरु03:3904:37रात
मंगल04:3705:34रात
सूर्य05:3406:31रात

अयनांश 24.2575° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।