30 अक्टूबर 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 30 अक्टूबर 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 अक्टूबर 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:51 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:20, 31 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:15 से 09:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:12
रात 06:51 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:20 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:50 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:41टालें
शुभ09:41 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:56टालें
चर13:56 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:12 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:06टालें
शुभ02:06 – 03:41शुभ
अमृत03:41 – 05:16शुभ
चर05:16 – 06:51सामान्य

30 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:51 तक
शुक्ल त्रयोदशी 11:08, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:20, 31 अक्टू॰ तक
रेवती 06:54, 1 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 15:09 तक
हर्षण 15:48, 31 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:51 तक
कौलव 22:02 तक
तैतिल 11:09, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
16:11
चंद्रास्त
04:07
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:15 – 09:41
यमगंड
11:06 – 12:31
गुलिक काल
13:56 – 15:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5007:47दिन
शनि07:4708:44दिन
गुरु08:4409:41दिन
मंगल09:4110:37दिन
सूर्य10:3711:34दिन
शुक्र11:3412:31दिन
बुध12:3113:28दिन
चंद्र13:2814:25दिन
शनि14:2515:22दिन
गुरु15:2216:19दिन
मंगल16:1917:15दिन
सूर्य17:1518:12दिन
शुक्र18:1219:16रात
बुध19:1620:19रात
चंद्र20:1921:22रात
शनि21:2222:25रात
गुरु22:2523:28रात
मंगल23:2800:31रात
सूर्य00:3101:35रात
शुक्र01:3502:38रात
बुध02:3803:41रात
चंद्र03:4104:44रात
शनि04:4405:47रात
गुरु05:4706:51रात

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।