30 दिसंबर 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 30 दिसंबर 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 दिसंबर 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:14 तक), नक्षत्र मृगशिरा (05:16, 31 दिस॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:29 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 18:16
रात 07:25 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:14 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:16 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:25 – 08:46टालें
शुभ08:46 – 10:08शुभ
रोग10:08 – 11:29टालें
उद्वेग11:29 – 12:50टालें
चर12:50 – 14:12सामान्य
लाभ14:12 – 15:33शुभ
अमृत15:33 – 16:54शुभ
काल16:54 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:16 – 19:54शुभ
उद्वेग19:54 – 21:33टालें
शुभ21:33 – 23:12शुभ
अमृत23:12 – 00:51शुभ
चर00:51 – 02:29सामान्य
रोग02:29 – 04:08टालें
काल04:08 – 05:47टालें
लाभ05:47 – 07:25शुभ

30 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:14 तक
पूर्णिमा 22:18, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 05:16, 31 दिस॰ तक
आर्द्रा 04:50, 1 जन॰ तक
योग
शुक्ल 01:34, 31 दिस॰ तक
ब्रह्म 23:34, 31 दिस॰ तक
करण
गर 11:30 तक
वणिज 23:14 तक
विष्टि (भद्रा) 10:50, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 17:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
17:02
चंद्रास्त
06:01
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:40 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:12

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:29
यमगंड
14:12 – 15:33
गुलिक काल
07:25 – 08:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2508:19दिन
गुरु08:1909:13दिन
मंगल09:1310:08दिन
सूर्य10:0811:02दिन
शुक्र11:0211:56दिन
बुध11:5612:50दिन
चंद्र12:5013:45दिन
शनि13:4514:39दिन
गुरु14:3915:33दिन
मंगल15:3316:27दिन
सूर्य16:2717:21दिन
शुक्र17:2118:16दिन
बुध18:1619:21रात
चंद्र19:2120:27रात
शनि20:2721:33रात
गुरु21:3322:39रात
मंगल22:3923:45रात
सूर्य23:4500:51रात
शुक्र00:5101:56रात
बुध01:5603:02रात
चंद्र03:0204:08रात
शनि04:0805:14रात
गुरु05:1406:20रात
मंगल06:2007:25रात

अयनांश 24.2621° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।