20 नवंबर 2029 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 20 नवंबर 2029, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 नवंबर 2029 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (07:02 तक), नक्षत्र भरणी (17:01 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 18:05
रात 07:03 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी, 17:01 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:02 – 08:25टालें
उद्वेग08:25 – 09:48टालें
चर09:48 – 11:10सामान्य
लाभ11:10 – 12:33शुभ
अमृत12:33 – 13:56शुभ
काल13:56 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:42शुभ
रोग16:42 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:05 – 19:42टालें
लाभ19:42 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:56टालें
शुभ22:56 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:11शुभ
चर02:11 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:25टालें
काल05:25 – 07:03टालें

20 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 07:02 तक
पूर्णिमा 09:33, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 17:01 तक
कृत्तिका 19:55, 21 नव॰ तक
योग
वरीयान 15:30 तक
परिघअशुभ 16:18, 21 नव॰ तक
करण
वणिज 07:02 तक
विष्टि (भद्रा) 20:18 तक
बव 09:33, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 23:46 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
17:26
चंद्रास्त
06:11
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:42
यमगंड
09:48 – 11:10
गुलिक काल
12:33 – 13:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0207:57दिन
सूर्य07:5708:52दिन
शुक्र08:5209:48दिन
बुध09:4810:43दिन
चंद्र10:4311:38दिन
शनि11:3812:33दिन
गुरु12:3313:28दिन
मंगल13:2814:24दिन
सूर्य14:2415:19दिन
शुक्र15:1916:14दिन
बुध16:1417:09दिन
चंद्र17:0918:05दिन
शनि18:0519:09रात
गुरु19:0920:14रात
मंगल20:1421:19रात
सूर्य21:1922:24रात
शुक्र22:2423:29रात
बुध23:2900:34रात
चंद्र00:3401:38रात
शनि01:3802:43रात
गुरु02:4303:48रात
मंगल03:4804:53रात
सूर्य04:5305:58रात
शुक्र05:5807:03रात

अयनांश 24.2745° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।