13 सितंबर 2025 को कानपुर का चौघड़िया

शनिवार, 13 सितंबर 2025, कानपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 सितंबर 2025 को कानपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:23 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:11 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:15
रात 05:53 तक
तिथि
सप्तमी, 05:04 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 10:11 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:53 – 07:26टालें
शुभ07:26 – 08:58शुभ
रोग08:58 – 10:31टालें
उद्वेग10:31 – 12:04टालें
चर12:04 – 13:37सामान्य
लाभ13:37 – 15:09शुभ
अमृत15:09 – 16:42शुभ
काल16:42 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:15 – 19:42शुभ
उद्वेग19:42 – 21:09टालें
शुभ21:09 – 22:37शुभ
अमृत22:37 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:31सामान्य
रोग01:31 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:26टालें
लाभ04:26 – 05:53शुभ

13 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:23 तक
कृष्ण सप्तमी 05:04, 14 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 03:06, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:41, 14 सित॰ तक
योग
हर्षण 10:32 तक
वज्रअशुभ 07:35, 14 सित॰ तक
करण
वणिज 07:23 तक
विष्टि (भद्रा) 18:11 तक
बव 05:04, 14 सित॰ तक
बालव 16:02, 14 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
22:14
चंद्रास्त
11:43
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:31
यमगंड
13:37 – 15:09
गुलिक काल
05:53 – 07:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5306:55दिन
गुरु06:5507:57दिन
मंगल07:5708:58दिन
सूर्य08:5810:00दिन
शुक्र10:0011:02दिन
बुध11:0212:04दिन
चंद्र12:0413:06दिन
शनि13:0614:08दिन
गुरु14:0815:09दिन
मंगल15:0916:11दिन
सूर्य16:1117:13दिन
शुक्र17:1318:15दिन
बुध18:1519:13रात
चंद्र19:1320:11रात
शनि20:1121:09रात
गुरु21:0922:08रात
मंगल22:0823:06रात
सूर्य23:0600:04रात
शुक्र00:0401:02रात
बुध01:0202:01रात
चंद्र02:0102:59रात
शनि02:5903:57रात
गुरु03:5704:55रात
मंगल04:5505:53रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय कानपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।