17 अक्टूबर 2025 को काठमांडू का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025, काठमांडू, नेपाल। समय Asia/Kathmandu में है।

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को काठमांडू में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (11:27 तक), नक्षत्र मघा (14:12 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 10:22 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 17:32
रात 06:05 तक
तिथि
एकादशी, 11:27 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 14:12 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:04 – 07:30सामान्य
लाभ07:30 – 08:56शुभ
अमृत08:56 – 10:22शुभ
काल10:22 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:14शुभ
रोग13:14 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 16:06टालें
चर16:06 – 17:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:32 – 19:06टालें
काल19:06 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 22:15शुभ
उद्वेग22:15 – 23:49टालें
शुभ23:49 – 01:23शुभ
अमृत01:23 – 02:57शुभ
चर02:57 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 06:05टालें

17 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 11:27 तक
कृष्ण द्वादशी 12:34, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 14:12 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:56, 18 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 02:03, 18 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 02:03, 19 अक्टू॰ तक
करण
बालव 11:27 तक
कौलव 23:57 तक
तैतिल 12:34, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
02:10
चंद्रास्त
15:18
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
10:22 – 11:48
यमगंड
14:40 – 16:06
गुलिक काल
07:30 – 08:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0407:02दिन
बुध07:0207:59दिन
चंद्र07:5908:56दिन
शनि08:5609:54दिन
गुरु09:5410:51दिन
मंगल10:5111:48दिन
सूर्य11:4812:46दिन
शुक्र12:4613:43दिन
बुध13:4314:40दिन
चंद्र14:4015:38दिन
शनि15:3816:35दिन
गुरु16:3517:32दिन
मंगल17:3218:35रात
सूर्य18:3519:38रात
शुक्र19:3820:40रात
बुध20:4021:43रात
चंद्र21:4322:46रात
शनि22:4623:49रात
गुरु23:4900:51रात
मंगल00:5101:54रात
सूर्य01:5402:57रात
शुक्र02:5704:00रात
बुध04:0005:02रात
चंद्र05:0206:05रात

अयनांश 24.2174° (लाहिड़ी)। समय काठमांडू (Asia/Kathmandu) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।