30 सितंबर 2026 को काठमांडू का चौघड़िया

बुधवार, 30 सितंबर 2026, काठमांडू, नेपाल। समय Asia/Kathmandu में है।

बुधवार, 30 सितंबर 2026 को काठमांडू में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (15:10 तक), नक्षत्र भरणी (07:51 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 11:53 से 13:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:51
रात 05:56 तक
तिथि
चतुर्थी, 15:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:55 – 07:25शुभ
अमृत07:25 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:24टालें
शुभ10:24 – 11:53शुभ
रोग11:53 – 13:22टालें
उद्वेग13:22 – 14:52टालें
चर14:52 – 16:21सामान्य
लाभ16:21 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:51 – 19:21टालें
शुभ19:21 – 20:52शुभ
अमृत20:52 – 22:23शुभ
चर22:23 – 23:53सामान्य
रोग23:53 – 01:24टालें
काल01:24 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:25शुभ
उद्वेग04:25 – 05:56टालें

30 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 15:10 तक
कृष्ण पंचमी 12:50, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 07:51 तक
कृत्तिका 06:17, 1 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 00:35, 1 अक्टू॰ तक
सिद्धि 21:33, 1 अक्टू॰ तक
करण
बालव 15:10 तक
कौलव 02:01, 1 अक्टू॰ तक
तैतिल 12:50, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 13:28 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
20:09
चंद्रास्त
09:31
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:17 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:53 – 13:22
यमगंड
07:25 – 08:54
गुलिक काल
10:24 – 11:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5506:55दिन
चंद्र06:5507:55दिन
शनि07:5508:54दिन
गुरु08:5409:54दिन
मंगल09:5410:53दिन
सूर्य10:5311:53दिन
शुक्र11:5312:53दिन
बुध12:5313:52दिन
चंद्र13:5214:52दिन
शनि14:5215:52दिन
गुरु15:5216:51दिन
मंगल16:5117:51दिन
सूर्य17:5118:51रात
शुक्र18:5119:52रात
बुध19:5220:52रात
चंद्र20:5221:52रात
शनि21:5222:53रात
गुरु22:5323:53रात
मंगल23:5300:54रात
सूर्य00:5401:54रात
शुक्र01:5402:55रात
बुध02:5503:55रात
चंद्र03:5504:55रात
शनि04:5505:56रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय काठमांडू (Asia/Kathmandu) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।