6 जनवरी 2025 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

सोमवार, 6 जनवरी 2025, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 जनवरी 2025 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (18:24 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:06 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 08:49 से 10:05 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 17:38
रात 07:33 तक
तिथि
सप्तमी, 18:24 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:06 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:33 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:05टालें
शुभ10:05 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 12:36टालें
उद्वेग12:36 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:22शुभ
अमृत16:22 – 17:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:38 – 19:22सामान्य
रोग19:22 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:36शुभ
उद्वेग00:36 – 02:20टालें
शुभ02:20 – 04:05शुभ
अमृत04:05 – 05:49शुभ
चर05:49 – 07:33सामान्य

6 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 18:24 तक
शुक्ल अष्टमी 16:27, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:50, 7 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:05, 7 जन॰ तक
शिव 23:15, 7 जन॰ तक
करण
वणिज 18:24 तक
विष्टि (भद्रा) 05:26, 7 जन॰ तक
बव 16:27, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
11:41
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:49 – 10:05
यमगंड
11:20 – 12:36
गुलिक काल
13:51 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3308:24दिन
शनि08:2409:14दिन
गुरु09:1410:05दिन
मंगल10:0510:55दिन
सूर्य10:5511:45दिन
शुक्र11:4512:36दिन
बुध12:3613:26दिन
चंद्र13:2614:16दिन
शनि14:1615:07दिन
गुरु15:0715:57दिन
मंगल15:5716:48दिन
सूर्य16:4817:38दिन
शुक्र17:3818:48रात
बुध18:4819:57रात
चंद्र19:5721:07रात
शनि21:0722:16रात
गुरु22:1623:26रात
मंगल23:2600:36रात
सूर्य00:3601:45रात
शुक्र01:4502:55रात
बुध02:5504:05रात
चंद्र04:0505:14रात
शनि05:1406:24रात
गुरु06:2407:33रात

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।