26 जनवरी 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

सोमवार, 26 जनवरी 2026, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 जनवरी 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (21:18 तक), नक्षत्र अश्विनी (12:33 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 07:29 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:29 – 17:56
रात 07:28 तक
तिथि
अष्टमी, 21:18 तक
नवमी
नक्षत्र
अश्विनी, 12:33 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:29 – 08:47शुभ
काल08:47 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:24शुभ
रोग11:24 – 12:42टालें
उद्वेग12:42 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:38शुभ
अमृत16:38 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:56 – 19:38सामान्य
रोग19:38 – 21:19टालें
काल21:19 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:24टालें
शुभ02:24 – 04:05शुभ
अमृत04:05 – 05:47शुभ
चर05:47 – 07:28सामान्य

26 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 21:18 तक
शुक्ल नवमी 19:05, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 11:09, 27 जन॰ तक
योग
साध्य 09:11 तक
शुभ 06:19, 27 जन॰ तक
शुक्ल 03:13, 28 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:17 तक
बव 21:18 तक
बालव 08:14, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:29
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
11:32
चंद्रास्त
00:38
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:40 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:06
यमगंड
11:24 – 12:42
गुलिक काल
14:01 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2908:21दिन
शनि08:2109:13दिन
गुरु09:1310:06दिन
मंगल10:0610:58दिन
सूर्य10:5811:50दिन
शुक्र11:5012:42दिन
बुध12:4213:35दिन
चंद्र13:3514:27दिन
शनि14:2715:19दिन
गुरु15:1916:11दिन
मंगल16:1117:04दिन
सूर्य17:0417:56दिन
शुक्र17:5619:04रात
बुध19:0420:11रात
चंद्र20:1121:19रात
शनि21:1922:27रात
गुरु22:2723:34रात
मंगल23:3400:42रात
सूर्य00:4201:50रात
शुक्र01:5002:58रात
बुध02:5804:05रात
चंद्र04:0505:13रात
शनि05:1306:21रात
गुरु06:2107:28रात

अयनांश 24.2212° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।