16 जनवरी 2027 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

शनिवार, 16 जनवरी 2027, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 जनवरी 2027 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (13:43 तक), नक्षत्र अश्विनी (23:38 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 10:06 से 11:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 17:46
रात 07:32 तक
तिथि
अष्टमी, 13:43 तक
नवमी
नक्षत्र
अश्विनी, 23:38 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:33 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:06शुभ
रोग10:06 – 11:23टालें
उद्वेग11:23 – 12:39टालें
चर12:39 – 13:56सामान्य
लाभ13:56 – 15:13शुभ
अमृत15:13 – 16:30शुभ
काल16:30 – 17:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:46 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 21:13टालें
शुभ21:13 – 22:56शुभ
अमृत22:56 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 04:06टालें
काल04:06 – 05:49टालें
लाभ05:49 – 07:32शुभ

16 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 13:43 तक
शुक्ल नवमी 12:27, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 22:42, 17 जन॰ तक
योग
सिद्ध 14:38 तक
साध्य 12:23, 17 जन॰ तक
करण
बव 13:43 तक
बालव 01:10, 17 जन॰ तक
कौलव 12:27, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
11:52
चंद्रास्त
00:51
दिनमान
10h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:37
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
10:06 – 11:23
यमगंड
13:56 – 15:13
गुलिक काल
07:33 – 08:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3308:24दिन
गुरु08:2409:15दिन
मंगल09:1510:06दिन
सूर्य10:0610:57दिन
शुक्र10:5711:48दिन
बुध11:4812:39दिन
चंद्र12:3913:31दिन
शनि13:3114:22दिन
गुरु14:2215:13दिन
मंगल15:1316:04दिन
सूर्य16:0416:55दिन
शुक्र16:5517:46दिन
बुध17:4618:55रात
चंद्र18:5520:04रात
शनि20:0421:13रात
गुरु21:1322:22रात
मंगल22:2223:31रात
सूर्य23:3100:39रात
शुक्र00:3901:48रात
बुध01:4802:57रात
चंद्र02:5704:06रात
शनि04:0605:15रात
गुरु05:1506:24रात
मंगल06:2407:32रात

अयनांश 24.2348° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।