14 अप्रैल 2027 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

बुधवार, 14 अप्रैल 2027, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 अप्रैल 2027 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (15:24 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:52 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 12:30 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:59
रात 06:01 तक
तिथि
अष्टमी, 15:24 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:52 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:02 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:16शुभ
काल09:16 – 10:53टालें
शुभ10:53 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:45टालें
चर15:45 – 17:22सामान्य
लाभ17:22 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:59 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 21:44शुभ
अमृत21:44 – 23:07शुभ
चर23:07 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:38शुभ
उद्वेग04:38 – 06:01टालें

14 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 15:24 तक
शुक्ल नवमी 13:21, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 09:33, 15 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 11:10 तक
धृति 08:23, 15 अप्रैल तक
करण
बव 15:24 तक
बालव 02:22, 15 अप्रैल तक
कौलव 13:21, 15 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
12:03
चंद्रास्त
01:46
दिनमान
12h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:56 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 14:08
यमगंड
07:39 – 09:16
गुलिक काल
10:53 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0207:07दिन
चंद्र07:0708:11दिन
शनि08:1109:16दिन
गुरु09:1610:21दिन
मंगल10:2111:26दिन
सूर्य11:2612:30दिन
शुक्र12:3013:35दिन
बुध13:3514:40दिन
चंद्र14:4015:45दिन
शनि15:4516:49दिन
गुरु16:4917:54दिन
मंगल17:5418:59दिन
सूर्य18:5919:54रात
शुक्र19:5420:49रात
बुध20:4921:44रात
चंद्र21:4422:40रात
शनि22:4023:35रात
गुरु23:3500:30रात
मंगल00:3001:25रात
सूर्य01:2502:20रात
शुक्र02:2003:15रात
बुध03:1504:10रात
चंद्र04:1005:06रात
शनि05:0606:01रात

अयनांश 24.2382° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।