कवरत्ती का आज का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026, कवरत्ती, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को कवरत्ती में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (05:54, 17 अक्टू॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:47 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 10:55 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:21
रात 06:28 तक
तिथि
षष्ठी, 05:54 तक
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:28 – 07:57सामान्य
लाभ07:57 – 09:26शुभ
अमृत09:26 – 10:55शुभ
काल10:55 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 13:54शुभ
रोग13:54 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 16:52टालें
चर16:52 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:52टालें
काल19:52 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:54शुभ
उद्वेग22:54 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:26शुभ
चर03:26 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:28टालें

16 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 05:54, 17 अक्टू॰ तक
शुक्ल सप्तमी 08:28, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:47, 17 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 22:05 तक
अतिगंडअशुभ 23:02, 17 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 16:38 तक
तैतिल 05:54, 17 अक्टू॰ तक
गर 19:12, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
11:07
चंद्रास्त
22:45
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
10:55 – 12:24
यमगंड
15:23 – 16:52
गुलिक काल
07:57 – 09:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2807:27दिन
बुध07:2708:27दिन
चंद्र08:2709:26दिन
शनि09:2610:26दिन
गुरु10:2611:25दिन
मंगल11:2512:24दिन
सूर्य12:2413:24दिन
शुक्र13:2414:23दिन
बुध14:2315:23दिन
चंद्र15:2316:22दिन
शनि16:2217:22दिन
गुरु17:2218:21दिन
मंगल18:2119:22रात
सूर्य19:2220:22रात
शुक्र20:2221:23रात
बुध21:2322:23रात
चंद्र22:2323:24रात
शनि23:2400:25रात
गुरु00:2501:25रात
मंगल01:2502:26रात
सूर्य02:2603:26रात
शुक्र03:2604:27रात
बुध04:2705:27रात
चंद्र05:2706:28रात

अयनांश 24.2313° (लाहिड़ी)। समय कवरत्ती (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।