14 अक्टूबर 2025 को कोच्चि का चौघड़िया

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025, कोच्चि, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को कोच्चि में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (11:10 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (11:54 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 15:09 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:08
रात 06:13 तक
तिथि
अष्टमी, 11:10 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 11:54 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:13 – 07:42टालें
उद्वेग07:42 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:09टालें
शुभ15:09 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:08 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:09शुभ
उद्वेग21:09 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:10शुभ
अमृत00:10 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:12सामान्य
रोग03:12 – 04:42टालें
काल04:42 – 06:13टालें

14 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 11:10 तक
कृष्ण नवमी 10:34, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 12:00, 15 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 04:11, 15 अक्टू॰ तक
साध्य 02:57, 16 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 11:10 तक
तैतिल 22:47 तक
गर 10:34, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
00:08
चंद्रास्त
13:15
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
15:09 – 16:39
यमगंड
09:12 – 10:41
गुलिक काल
12:10 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1307:12दिन
सूर्य07:1208:12दिन
शुक्र08:1209:12दिन
बुध09:1210:11दिन
चंद्र10:1111:11दिन
शनि11:1112:10दिन
गुरु12:1013:10दिन
मंगल13:1014:10दिन
सूर्य14:1015:09दिन
शुक्र15:0916:09दिन
बुध16:0917:08दिन
चंद्र17:0818:08दिन
शनि18:0819:08रात
गुरु19:0820:09रात
मंगल20:0921:09रात
सूर्य21:0922:10रात
शुक्र22:1023:10रात
बुध23:1000:10रात
चंद्र00:1001:11रात
शनि01:1102:11रात
गुरु02:1103:12रात
मंगल03:1204:12रात
सूर्य04:1205:12रात
शुक्र05:1206:13रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय कोच्चि (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।