30 अक्टूबर 2025 को कोच्चि का चौघड़िया

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025, कोच्चि, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025 को कोच्चि में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (10:07 तक), नक्षत्र श्रवण (18:33 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:02
रात 06:15 तक
तिथि
अष्टमी, 10:07 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:33 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:43शुभ
रोग07:43 – 09:11टालें
उद्वेग09:11 – 10:40टालें
चर10:40 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:05शुभ
काल15:05 – 16:33टालें
शुभ16:33 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:02 – 19:33शुभ
चर19:33 – 21:05सामान्य
रोग21:05 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 03:11टालें
शुभ03:11 – 04:43शुभ
अमृत04:43 – 06:15शुभ

30 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 10:07 तक
शुक्ल नवमी 10:04, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33 तक
धनिष्ठा 18:51, 31 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:20 तक
गंडअशुभ 06:15, 31 अक्टू॰ तक
करण
बव 10:07 तक
बालव 22:11 तक
कौलव 10:04, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
13:15
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:05
यमगंड
06:14 – 07:43
गुलिक काल
09:11 – 10:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:13दिन
मंगल07:1308:12दिन
सूर्य08:1209:11दिन
शुक्र09:1110:10दिन
बुध10:1011:09दिन
चंद्र11:0912:08दिन
शनि12:0813:07दिन
गुरु13:0714:06दिन
मंगल14:0615:05दिन
सूर्य15:0516:04दिन
शुक्र16:0417:03दिन
बुध17:0318:02दिन
चंद्र18:0219:03रात
शनि19:0320:04रात
गुरु20:0421:05रात
मंगल21:0522:06रात
सूर्य22:0623:07रात
शुक्र23:0700:08रात
बुध00:0801:09रात
चंद्र01:0902:10रात
शनि02:1003:11रात
गुरु03:1104:12रात
मंगल04:1205:14रात
सूर्य05:1406:15रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय कोच्चि (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।