1 सितंबर 2025 को कोहिमा का चौघड़िया

सोमवार, 1 सितंबर 2025, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 सितंबर 2025 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (02:43, 2 सित॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (19:55 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 04:53 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 06:28 से 08:03 तक है।

दिन और रात
दिन 04:53 – 17:32
रात 04:54 तक
तिथि
नवमी, 02:43 तक
दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 19:55 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:53 – 06:28शुभ
काल06:28 – 08:03टालें
शुभ08:03 – 09:38शुभ
रोग09:38 – 11:13टालें
उद्वेग11:13 – 12:48टालें
चर12:48 – 14:23सामान्य
लाभ14:23 – 15:58शुभ
अमृत15:58 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:32 – 18:58सामान्य
रोग18:58 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:48टालें
लाभ21:48 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:38टालें
शुभ00:38 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:29शुभ
चर03:29 – 04:54सामान्य

1 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 02:43, 2 सित॰ तक
शुक्ल दशमी 03:53, 3 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:51, 2 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 16:31 तक
प्रीति 16:39, 2 सित॰ तक
करण
बालव 13:54 तक
कौलव 02:43, 2 सित॰ तक
तैतिल 15:23, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:53
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
12:48
चंद्रास्त
23:08
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:23 – 04:08
अभिजीत मुहूर्त
10:48 – 11:38

अशुभ समय

राहुकाल
06:28 – 08:03
यमगंड
09:38 – 11:13
गुलिक काल
12:48 – 14:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5305:57दिन
शनि05:5707:00दिन
गुरु07:0008:03दिन
मंगल08:0309:06दिन
सूर्य09:0610:10दिन
शुक्र10:1011:13दिन
बुध11:1312:16दिन
चंद्र12:1613:19दिन
शनि13:1914:23दिन
गुरु14:2315:26दिन
मंगल15:2616:29दिन
सूर्य16:2917:32दिन
शुक्र17:3218:29रात
बुध18:2919:26रात
चंद्र19:2620:23रात
शनि20:2321:20रात
गुरु21:2022:16रात
मंगल22:1623:13रात
सूर्य23:1300:10रात
शुक्र00:1001:07रात
बुध01:0702:03रात
चंद्र02:0303:00रात
शनि03:0003:57रात
गुरु03:5704:54रात

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।