7 जनवरी 2026 को कोहिमा का चौघड़िया

बुधवार, 7 जनवरी 2026, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:53 तक), नक्षत्र मघा (11:56 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 11:19 से 12:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 16:38
रात 06:01 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:01 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:40शुभ
काल08:40 – 10:00टालें
शुभ10:00 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 13:59टालें
चर13:59 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:38 – 18:18टालें
शुभ18:18 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:39शुभ
चर21:39 – 23:19सामान्य
रोग23:19 – 01:00टालें
काल01:00 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 04:20शुभ
उद्वेग04:20 – 06:01टालें

7 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:53 तक
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56 तक
योग
आयुष्मान 18:33 तक
सौभाग्य 17:25, 8 जन॰ तक
करण
बालव 06:53 तक
कौलव 18:37 तक
तैतिल 06:34, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
20:47
चंद्रास्त
08:56
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:41 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:19 – 12:39
यमगंड
07:20 – 08:40
गुलिक काल
10:00 – 11:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0106:54दिन
चंद्र06:5407:47दिन
शनि07:4708:40दिन
गुरु08:4009:33दिन
मंगल09:3310:26दिन
सूर्य10:2611:19दिन
शुक्र11:1912:12दिन
बुध12:1213:05दिन
चंद्र13:0513:59दिन
शनि13:5914:52दिन
गुरु14:5215:45दिन
मंगल15:4516:38दिन
सूर्य16:3817:45रात
शुक्र17:4518:52रात
बुध18:5219:59रात
चंद्र19:5921:05रात
शनि21:0522:12रात
गुरु22:1223:19रात
मंगल23:1900:26रात
सूर्य00:2601:33रात
शुक्र01:3302:40रात
बुध02:4003:47रात
चंद्र03:4704:54रात
शनि04:5406:01रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।