16 नवंबर 2026 को कोहिमा का चौघड़िया

सोमवार, 16 नवंबर 2026, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 नवंबर 2026 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:20, 17 नव॰ तक), नक्षत्र श्रवण (02:17, 17 नव॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 16:24 पर है। राहुकाल 06:53 से 08:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 16:24
रात 05:32 तक
तिथि
सप्तमी, 04:20 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 02:17 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:31 – 06:53शुभ
काल06:53 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:36शुभ
रोग09:36 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:19टालें
चर12:19 – 13:41सामान्य
लाभ13:41 – 15:02शुभ
अमृत15:02 – 16:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:24 – 18:03सामान्य
रोग18:03 – 19:41टालें
काल19:41 – 21:20टालें
लाभ21:20 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:36टालें
शुभ00:36 – 02:15शुभ
अमृत02:15 – 03:53शुभ
चर03:53 – 05:32सामान्य

16 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:20, 17 नव॰ तक
शुक्ल अष्टमी 06:05, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 02:17, 17 नव॰ तक
धनिष्ठा 04:34, 18 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 07:16 तक
वृद्धि 07:54, 17 नव॰ तक
करण
गर 15:14 तक
वणिज 04:20, 17 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:17, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
16:24
चंद्रोदय
11:02
चंद्रास्त
22:09
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
10:36 – 11:19

अशुभ समय

राहुकाल
06:53 – 08:14
यमगंड
09:36 – 10:58
गुलिक काल
12:19 – 13:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3106:26दिन
शनि06:2607:20दिन
गुरु07:2008:14दिन
मंगल08:1409:09दिन
सूर्य09:0910:03दिन
शुक्र10:0310:58दिन
बुध10:5811:52दिन
चंद्र11:5212:46दिन
शनि12:4613:41दिन
गुरु13:4114:35दिन
मंगल14:3515:30दिन
सूर्य15:3016:24दिन
शुक्र16:2417:30रात
बुध17:3018:35रात
चंद्र18:3519:41रात
शनि19:4120:47रात
गुरु20:4721:52रात
मंगल21:5222:58रात
सूर्य22:5800:04रात
शुक्र00:0401:09रात
बुध01:0902:15रात
चंद्र02:1503:21रात
शनि03:2104:26रात
गुरु04:2605:32रात

अयनांश 24.2325° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।