11 नवंबर 2029 को कोहिमा का चौघड़िया

रविवार, 11 नवंबर 2029, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 नवंबर 2029 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (18:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:22 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 16:26 पर है। राहुकाल 15:04 से 16:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 16:26
रात 05:29 तक
तिथि
षष्ठी, 18:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:22 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:28 – 06:50टालें
चर06:50 – 08:12सामान्य
लाभ08:12 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:19टालें
शुभ12:19 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:04टालें
उद्वेग15:04 – 16:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:26 – 18:04शुभ
अमृत18:04 – 19:42शुभ
चर19:42 – 21:19सामान्य
रोग21:19 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:35टालें
लाभ00:35 – 02:13शुभ
उद्वेग02:13 – 03:51टालें
शुभ03:51 – 05:29शुभ

11 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 18:11 तक
शुक्ल सप्तमी 17:55, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:53, 12 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 14:24 तक
गंडअशुभ 12:54, 12 नव॰ तक
करण
कौलव 06:37 तक
तैतिल 18:11 तक
गर 05:57, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
16:26
चंद्रोदय
10:22
चंद्रास्त
21:35
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:19

अशुभ समय

राहुकाल
15:04 – 16:26
यमगंड
10:57 – 12:19
गुलिक काल
13:41 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2806:23दिन
शुक्र06:2307:18दिन
बुध07:1808:12दिन
चंद्र08:1209:07दिन
शनि09:0710:02दिन
गुरु10:0210:57दिन
मंगल10:5711:52दिन
सूर्य11:5212:47दिन
शुक्र12:4713:41दिन
बुध13:4114:36दिन
चंद्र14:3615:31दिन
शनि15:3116:26दिन
गुरु16:2617:31रात
मंगल17:3118:36रात
सूर्य18:3619:42रात
शुक्र19:4220:47रात
बुध20:4721:52रात
चंद्र21:5222:57रात
शनि22:5700:03रात
गुरु00:0301:08रात
मंगल01:0802:13रात
सूर्य02:1303:18रात
शुक्र03:1804:23रात
बुध04:2305:29रात

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।