5 मार्च 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 5 मार्च 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 मार्च 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:51 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:08, 6 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 12:44 से 14:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:40
रात 06:47 तक
तिथि
षष्ठी, 12:51 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:08 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:48 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:46शुभ
काल09:46 – 11:15टालें
शुभ11:15 – 12:44शुभ
रोग12:44 – 14:13टालें
उद्वेग14:13 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:40 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:42शुभ
अमृत21:42 – 23:13शुभ
चर23:13 – 00:44सामान्य
रोग00:44 – 02:15टालें
काल02:15 – 03:45टालें
लाभ03:45 – 05:16शुभ
उद्वेग05:16 – 06:47टालें

5 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:51 तक
शुक्ल सप्तमी 10:51, 6 मार्च तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:08, 6 मार्च तक
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:07 तक
विष्कंभअशुभ 20:29, 6 मार्च तक
करण
तैतिल 12:51 तक
गर 23:48 तक
वणिज 10:51, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 08:13 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
10:39
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:44 – 14:13
यमगंड
08:17 – 09:46
गुलिक काल
11:15 – 12:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4807:47दिन
चंद्र07:4708:47दिन
शनि08:4709:46दिन
गुरु09:4610:45दिन
मंगल10:4511:45दिन
सूर्य11:4512:44दिन
शुक्र12:4413:44दिन
बुध13:4414:43दिन
चंद्र14:4315:42दिन
शनि15:4216:42दिन
गुरु16:4217:41दिन
मंगल17:4118:40दिन
सूर्य18:4019:41रात
शुक्र19:4120:42रात
बुध20:4221:42रात
चंद्र21:4222:43रात
शनि22:4323:43रात
गुरु23:4300:44रात
मंगल00:4401:44रात
सूर्य01:4402:45रात
शुक्र02:4503:45रात
बुध03:4504:46रात
चंद्र04:4605:47रात
शनि05:4706:47रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।