22 जनवरी 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 22 जनवरी 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (02:28, 23 जन॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (14:27 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 18:23
रात 07:05 तक
तिथि
चतुर्थी, 02:28 तक
पंचमी
नक्षत्र
शतभिषा, 14:27 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:05 – 08:30शुभ
रोग08:30 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:19टालें
चर11:19 – 12:44सामान्य
लाभ12:44 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:34शुभ
काल15:34 – 16:59टालें
शुभ16:59 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:23 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:34सामान्य
रोग21:34 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:44टालें
लाभ00:44 – 02:19शुभ
उद्वेग02:19 – 03:55टालें
शुभ03:55 – 05:30शुभ
अमृत05:30 – 07:05शुभ

22 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 02:28, 23 जन॰ तक
शुक्ल पंचमी 01:46, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:27 तक
पूर्वा भाद्रपद 14:33, 23 जन॰ तक
योग
वरीयान 17:37 तक
परिघअशुभ 15:59, 23 जन॰ तक
करण
वणिज 14:41 तक
विष्टि (भद्रा) 02:28, 23 जन॰ तक
बव 14:10, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
09:27
चंद्रास्त
21:34
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:34
यमगंड
07:05 – 08:30
गुलिक काल
09:55 – 11:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0508:01दिन
मंगल08:0108:58दिन
सूर्य08:5809:55दिन
शुक्र09:5510:51दिन
बुध10:5111:48दिन
चंद्र11:4812:44दिन
शनि12:4413:41दिन
गुरु13:4114:37दिन
मंगल14:3715:34दिन
सूर्य15:3416:30दिन
शुक्र16:3017:27दिन
बुध17:2718:23दिन
चंद्र18:2319:27रात
शनि19:2720:30रात
गुरु20:3021:34रात
मंगल21:3422:37रात
सूर्य22:3723:41रात
शुक्र23:4100:44रात
बुध00:4401:48रात
चंद्र01:4802:51रात
शनि02:5103:55रात
गुरु03:5504:58रात
मंगल04:5806:01रात
सूर्य06:0107:05रात

अयनांश 24.2211° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।