23 फ़रवरी 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:09 तक), नक्षत्र भरणी (16:33 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 08:22 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:38
रात 06:54 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 16:33 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:54 – 08:22शुभ
काल08:22 – 09:50टालें
शुभ09:50 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 12:46टालें
उद्वेग12:46 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:10शुभ
अमृत17:10 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:38 – 20:10सामान्य
रोग20:10 – 21:42टालें
काल21:42 – 23:14टालें
लाभ23:14 – 00:46शुभ
उद्वेग00:46 – 02:18टालें
शुभ02:18 – 03:50शुभ
अमृत03:50 – 05:22शुभ
चर05:22 – 06:54सामान्य

23 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:09 तक
शुक्ल सप्तमी 07:02, 24 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:33 तक
कृत्तिका 15:07, 24 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 10:18 तक
इंद्र 07:23, 24 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 09:09 तक
गर 20:06 तक
वणिज 07:02, 24 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मेष 22:12 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
10:47
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:09

अशुभ समय

राहुकाल
08:22 – 09:50
यमगंड
11:18 – 12:46
गुलिक काल
14:14 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5407:53दिन
शनि07:5308:52दिन
गुरु08:5209:50दिन
मंगल09:5010:49दिन
सूर्य10:4911:47दिन
शुक्र11:4712:46दिन
बुध12:4613:45दिन
चंद्र13:4514:43दिन
शनि14:4315:42दिन
गुरु15:4216:40दिन
मंगल16:4017:39दिन
सूर्य17:3918:38दिन
शुक्र18:3819:39रात
बुध19:3920:40रात
चंद्र20:4021:42रात
शनि21:4222:43रात
गुरु22:4323:44रात
मंगल23:4400:46रात
सूर्य00:4601:47रात
शुक्र01:4702:48रात
बुध02:4803:50रात
चंद्र03:5004:51रात
शनि04:5105:52रात
गुरु05:5206:54रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।