14 मार्च 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 14 मार्च 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 मार्च 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (08:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (04:49, 15 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 09:42 से 11:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:42
रात 06:41 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 04:49 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:41 – 08:12टालें
शुभ08:12 – 09:42शुभ
रोग09:42 – 11:12टालें
उद्वेग11:12 – 12:42टालें
चर12:42 – 14:12सामान्य
लाभ14:12 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:12शुभ
काल17:12 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:42 – 20:12शुभ
उद्वेग20:12 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:12शुभ
अमृत23:12 – 00:42शुभ
चर00:42 – 02:11सामान्य
रोग02:11 – 03:41टालें
काल03:41 – 05:11टालें
लाभ05:11 – 06:41शुभ

14 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 08:11 तक
कृष्ण एकादशी 09:17, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 04:49, 15 मार्च तक
श्रवण 05:56, 16 मार्च तक
योग
वरीयान 10:42 तक
परिघअशुभ 10:25, 15 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:11 तक
बव 20:49 तक
बालव 09:17, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 09:33 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
03:13
चंद्रास्त
14:31
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
09:42 – 11:12
यमगंड
14:12 – 15:42
गुलिक काल
06:41 – 08:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4107:42दिन
गुरु07:4208:42दिन
मंगल08:4209:42दिन
सूर्य09:4210:42दिन
शुक्र10:4211:42दिन
बुध11:4212:42दिन
चंद्र12:4213:42दिन
शनि13:4214:42दिन
गुरु14:4215:42दिन
मंगल15:4216:42दिन
सूर्य16:4217:42दिन
शुक्र17:4218:42दिन
बुध18:4219:42रात
चंद्र19:4220:42रात
शनि20:4221:42रात
गुरु21:4222:42रात
मंगल22:4223:42रात
सूर्य23:4200:42रात
शुक्र00:4201:41रात
बुध01:4102:41रात
चंद्र02:4103:41रात
शनि03:4104:41रात
गुरु04:4105:41रात
मंगल05:4106:41रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।