1 अप्रैल 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 1 अप्रैल 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (07:06 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (16:17 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 12:37 से 14:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:45
रात 06:27 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 16:17 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 08:00शुभ
अमृत08:00 – 09:32शुभ
काल09:32 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:37शुभ
रोग12:37 – 14:09टालें
उद्वेग14:09 – 15:41टालें
चर15:41 – 17:13सामान्य
लाभ17:13 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:45 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 23:09शुभ
चर23:09 – 00:36सामान्य
रोग00:36 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:32टालें
लाभ03:32 – 04:59शुभ
उद्वेग04:59 – 06:27टालें

1 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 07:06 तक
पूर्णिमा 07:42, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 17:38, 2 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 14:50 तक
ध्रुव 14:19, 2 अप्रैल तक
करण
वणिज 07:06 तक
विष्टि (भद्रा) 19:21 तक
बव 07:42, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
18:14
चंद्रास्त
05:45
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 13:01 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:37 – 14:09
यमगंड
08:00 – 09:32
गुलिक काल
11:04 – 12:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:29दिन
चंद्र07:2908:31दिन
शनि08:3109:32दिन
गुरु09:3210:34दिन
मंगल10:3411:35दिन
सूर्य11:3512:37दिन
शुक्र12:3713:38दिन
बुध13:3814:40दिन
चंद्र14:4015:41दिन
शनि15:4116:43दिन
गुरु16:4317:44दिन
मंगल17:4418:45दिन
सूर्य18:4519:44रात
शुक्र19:4420:42रात
बुध20:4221:41रात
चंद्र21:4122:39रात
शनि22:3923:38रात
गुरु23:3800:36रात
मंगल00:3601:35रात
सूर्य01:3502:33रात
शुक्र02:3303:32रात
बुध03:3204:30रात
चंद्र04:3005:28रात
शनि05:2806:27रात

अयनांश 24.2237° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।